छापे के दौरान 500 और दो हजार के नोटों का ढेर, छापेमारी में 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त

प्रवर्तन निदेशालय ने शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के शिक्षक भर्ती घोटाले में राज्य के मंत्री पार्थ चटर्जी की एक करीबी सहयोगी अर्पिता मुखर्जी के ठिकानों पर छापेमारी कर 20 करोड़ रुपये की नकदी जब्त की है | ईडी को इस रकम के एसएससी घोटाले से जुड़े होने का शक है | छापे के दौरान 500 और दो हजार के नोटों का ढेर लग गया और नोट गिनने वाली मशीन के जरिए इस रकम की गिनती की गई | जांच टीम ने बैंक अधिकारियों की मदद भी ली ताकि रकम की सही गिनती की जा सके |

ईडी ने कहा कि अर्पिता मुखर्जी के ठिकाने से 20 से अधिक मोबाइल फोन भी बरामद किए गए हैं, जिसके मसकद और इस्तेमाल के बारे में जानकारी जुटाई जा रही है. बयान में कहा गया कि ईडी ने चटर्जी के अलावा शिक्षा राज्य मंत्री परेश सी अधिकारी, विधायक माणिक भट्टाचार्य और अन्य के परिसरों पर भी छापेमारी की है. ईडी के अधिकारियों की एक टीम ने शिक्षक भर्ती घोटाले की जांच के सिलसिले में शुक्रवार को पश्चिम बंगाल के दो मंत्रियों-पार्थ चटर्जी और परेश अधिकारी के घरों पर छापेमारी की थी.

एजेंसी के एक सूत्र ने बताया कि ईडी के कम से कम सात से आठ अधिकारी सुबह लगभग साढ़े आठ बजे चटर्जी के आवास नकतला पहुंचे और दोपहर 11 बजे तक छापेमारी जारी रही. इस दौरान सीआरपीएफ के कर्मी बाहर तैनात रहे. सूत्र ने बताया कि एजेंसी के अधिकारियों की एक अन्य टीम कूचबिहार जिले के मेखलीगंज में अधिकारी के घर पहुंची और उनके परिवार के सदस्यों से पूछताछ की गई.
ईडी के सूत्र के मुताबिक अधिकारियों ने शहर के जादवपुर इलाके में स्थित पश्चिम बंगाल प्राथमिक शिक्षा बोर्ड के पूर्व अध्यक्ष माणिक भट्टाचार्य के आवास पर भी छापेमारी की. सीबीआई हाई कोर्ट के निर्देश पर पश्चिम बंगाल स्कूल सेवा आयोग की सिफारिशों पर सरकार की ओर से प्रायोजित व सहायता प्राप्त स्कूलों में समूह ‘सी’ और ‘डी’ के कर्मचारियों व शिक्षकों की भर्ती में हुई गड़बड़ी की जांच कर रही है.

वहीं, प्रवर्तन निदेशालय इस मामले से संबंधित कथित मनी लॉन्ड्रिंग की जांच में जुटा हुआ है. अभी उद्योग एवं वाणिज्य मंत्री पद पर काबिज चटर्जी उस समय शिक्षा मंत्री थे, जब यह कथित घोटाला हुआ था. सीबीआई दो बार उनसे पूछताछ कर चुकी है. पहली बार पूछताछ 25 अप्रैल, जबकि दूसरी बार 18 मई को की गई थी. सीबीआई पश्चिम बंगाल के शिक्षा राज्य मंत्री अधिकारी से भी पूछताछ कर चुकी है. इसके अलावा उनकी बेटी स्कूल शिक्षक की अपनी नौकरी गंवा चुकी हैं. अधिकारी ने कहा कि वह फोन पर अपने परिवार से बात नहीं कर पा रहे हैं.

टीएमसी ने बीजेपी पर साधा निशाना

मंत्री ने कहा, ‘उन्होंने आज हमारे घर पहुंचने के प्लान के बारे में हमें नहीं बताया था. मैं 21 जुलाई को हुई तृणमूल कांग्रेस की शहीद दिवस रैली के बाद कोलकाता में ही हूं. अगर मैं वहां होता तो उन्हें मूड़ी खिलाता.’ इस बीच, टीएमसी ने छापेमारी को राजनीतिक विरोधियों को परेशान करने की बीजेपी नीत केंद्र सरकार की चाल बताया है. पश्चिम बंगाल के परिवहन मंत्री फिरहाद हाकिम ने कहा कि ईडी की यह छापेमारी शहीद दिवस रैली के एक दिन बाद हुई है, जिसने पूरे देश में हलचल मचा दी थी. यह टीएमसी के नेताओं को परेशान करने व डराने-धमकाने की कोशिश के अलावा और कुछ नहीं है.

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