जेएनयू के वाइस चांसलर को शर्म है तो उन्हें इस्तीफा दे : सदुद्दीन ओवैसी

सदुद्दीन ओवैसी ने कहा, अगर जेएनयू के वाइस चांसलर को शर्म है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. वे स्टूडेंट के गार्जियन हैं और उनका काम स्टूडेंट को सुरक्षित रखना है. डेढ़ घंटे दिल्ली पुलिस वहां से गायब रही. यही पुलिस तब रो रही थी जब उन्हें वकीलों ने पीटा था.
जवाहरलाल नेहरू यूनिवर्सिटी (जेएनयू) हिंसा मामले में पुलिसिया कार्रवाई पर AIMIM चीफ असदुद्दीन ओवैसी ने तंज कसा है. ओवैसी ने कहा, ‘जेएनयू पर हमला किसी आदमी ने नहीं, बल्कि एलियन ने किया था. वे मंगल और शुक्र ग्रह से आए थे. पुलिस मुख्यालय पर लैंड किया, हमला किया और वापस चले गए.’ इसके साथ ही हमले की जिम्मेदारी लेने वाले संगठन हिंदू रक्षा दल को ओवैसी ने जोकर कहा.

असदुद्दीन ओवैसी ने कहा, ‘अगर जेएनयू वाइस चांसलर को शर्म है तो उन्हें इस्तीफा दे देना चाहिए. वे स्टूडेंट के गार्जियन हैं और उनका काम स्टूडेंट को सुरक्षित रखना है. डेढ़ घंटे दिल्ली पुलिस गायब रही. यही पुलिस तब रो रही थी जब उन्हें वकीलों ने पीटा था. फिर इन्होंने जामिया में छात्रों पर हमला किया था. हमले के शिकार स्टूडेंट पर ही मुकदमा दर्ज कर दिया गया. यह पूरी तरह नाइंसाफी है.’

इससे पहले ओवैसी ने सोमवार को आरोप लगाया कि दिल्ली पुलिस ने नकाबपोश  गुंडों को जेएनयू में छात्रों और प्राध्यापकों पर न केवल आधे घंटे तक क्रूरतापूर्ण हमला करने दिया, बल्कि उत्पात मचाने के बाद उन्हें सुरक्षित भागने का रास्ता दिया. हैदराबाद के सांसद ने हमले की कड़ी निंदा की और उत्पात मचाने वालों को ‘देश विरोधी’ तत्व करार दिया.

ओवैसी ने सवाल किया कि राष्ट्रीय राजधानी में इस तरह के हमले करवाकर नरेंद्र मोदी सरकार दुनिया को क्या संदेश देना चाहती है? ओवैसी ने कहा, “यह सुनियोजित हिंसा जिन कायरों ने की, उन्हें निश्चित रूप से सत्ताधारी पार्टी का समर्थन मिला हुआ है. इसमें कोई संदेह नहीं कि शामिल रहे लोगों को सत्ता से हरी झंडी मिली रही होगी.” ऑल इंडिया मजलिस-ए-इत्तेहादुल मुस्लिमीन (एआईएमआईएम) प्रमुख ने कहा कि हमलावर अपना चेहरा ढके हुए थे, मगर उनकी विचारधारा उजागर हो गई.

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