भाजपा की नीयत साफ़ न होने के कारण एमसीडी में भ्रष्टाचार है : राजकुमार गुप्ता

एमसीडी चुनाव में आपके क्या विषेश मुद्दे रहेंगे ?

चुनाव में विशेषकर क्षेत्र में जो जगह –जगह कूड़े के देड ओर नालों  की सफाई करवाना और भ्रष्ट्राचार ही हमारा मुख्य मुद्दा है !

 आपको क्या लगता है कि पिछले 15 सालों में एमसीडी में बीजेपी की सरकार है क्या उन्होंने कोई भी कार्य नहीं किया है ?

बीजेपी ने पिछले 15 सालों में एमसीडी में कोंई भी कार्य नहीं किया है . एमसीडी भ्रष्ट्राचार का अड्डा बना हुआ है ओर जाते – जाते भी बीजेपी के पार्षद इस बात पर आ गए है कि कोन ज्यादा से ज्यादा एमसीडी को लूट सके, आजकल आपने देखा ही होगा कि स्कूल ओर एमसीडी की जगहों को भी नीलामी किया जा रहा है ओर उन्हें काफी सस्ते दामों में भाजपा के कार्यकर्त्ता ओर पार्षदों के ही जानकारों को दिया जा रहा है .एक तरह से बीजेपी ने लूट मचा रखी है .

एमसीडी में भ्रष्टाचार को खत्म करने के लिए आपकी क्या रणनीति रहेगी ?

पिछले सात सालों से दिल्ली में सरकार ने जो काम किया है जिसमें फ्री बिजली –पानी देने के बावजूद भी दिल्ली सरकार का बजट आज देश में बाकी राज्यों के मुकाबले उन्नति पर है ,इसी प्रकार एमसीडी में भी अगर आप की पार्टी की सरकार को अगर मौका मिलता है तो एक स्वच्छ सरकार बनाएगी . वैसे तो एमसीडी में फण्ड की कोंई कमी नहीं है ,इसमें भी हाउस टाक्सेक्स और कन्वर्जन चर्सेस के द्वारा भी अच्छी कमाई हो जाती पर भाजपा की नीयत साफ़ न होने के कारण एमसीडी में भ्रष्टाचार है . अगर आप की सरकार जीत के आती है तो एमसीडी में भी भ्रष्टाचार खत्म किया जा सकता है .

 हाल ही में शुरू कि गई शराब की नई आबकारी नीति से क्या आप पार्टी के छवि को कोंई नुकसान पहुचेगा ?

शराब नीति की अगर बात की जाये तो सिर्फ यही कहेंगे कि बीजेपी के पास कोंई मुद्दा नहीं है इसलिए उन्होंने इसे मुद्दा बनाया हुआ है ,आपके जानकारी के लिए बता दूँ कि ठेके पहले से काफी कम है फिर भी भाजपा इसे मुद्दा बनाए हुए है . इस आबकारी नीति के तहत ठेकों को सुनियोजित किया गया है इससे कोंई असर नहीं होगा . क्या अगर ठेके बंद कर दिए जाये तो क्या लोग शराब पीना बंद कर देंगे लोग फिर भी पियेंगे चाहे कुछ भी हो जाये . जनता सब जानती है .

इस चुनाव में हर वार्ड में यह देखा जा रहा है कि कई उम्मीदवार अपनी –अपनी दावेदारी प्रस्तुत करती जा रही है आपको क्या लगता है कि पार्टी को क्या कोंई दिक्कतों सामना करना पड़ सकता है ?

आम आदमी पार्टी की रणनीति रही है कि वो जमीनी स्तर के कार्यकर्ता को टिकेट देती है यह तो इस बार हुआ है कि हर वार्ड में 8 से 9 कार्यकर्त्ता टिकेट कि दावेदारी कर रहे है यह तो पार्टी कि छवि है जो इस बार दिल्ली की जनता में इतना विश्वास जगा है कि एक से ज्यादा उम्मीदवार टिकेट कि दौड़ में अपनी दावेदारी कर रहे है .पार्टी किसी को भी टिकेट दे बाकी के कार्यकर्ता मिलकर उसे ही जिताती है . आम आदमी पार्टी में कोंई आपसी मत्वेद नहीं होता हैं .

सफाई कर्मचारियों के लिए आप क्या कहेंगे कि उन्हें इतनी मोटी सेलरी देने के बावजूद भी वे ठीक प्रकार से काम नहीं करते है ?

सफाई कर्मचारी को 8 घंटे काम करनी चाहिए ओर उन्हें टाइम से सेलरी भी देनी चाहिए ,अगर सफाई कर्मचारी सही से 8 घंटे काम करेगा तो कूड़ा कहीं भी देखने को नहीं मिलेगा ओर क्षेत्र में सफाई व्यवस्था भी ठीक बनी रहेगी .

 

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